______________________
लोग कहते हैं अजनबी तुम हो
अजनबी मेरी ज़िंदगी तुम हो
दिल किसी और का न हो पाया
आरज़ू मेरी आज भी तुम हो
मुझको अपना शरीक-ए-ग़म कर लो
यूँ अकेले बहुत दुखी तुम हो
दोस्तों से वफ़ा की उम्मीदें
किस ज़माने के आदमी तुम हो
_____________
शायर :
बशीर बद्र
मौसीकार :
हरीहरन
फ़नकारां :
आशा भोसले