3.1.11

हमने काटी हैं तेरी याद में



___________

हमने काटी हैं तेरी याद में रातें अक्सर
दिल से गुज़री हैं सितारों की बारातें अक्सर

उन्न से पूछो कभी चेहरे भी पड़े हैं तुमने
जो किताबों की किया करते हैं बातें अक्सर

हमने उन्न टुंड हवाओं में जलाए हैं चीराघ
जिन हवाओं ने उलट दी हैं बिसातें अक्सर

और तो कौन है जो मुझ को तसल्ली देता
हाथ रख देती हैं दिल पर तेरी यादें अक्सर

हाल कहना है क़िस्सी से तो मुखातिब है कोई
कितनी दिलचस्प हुआ करती हैं बातें अक्सर
__________

फ़नकार : हरिहरन 

17 comments:

  1. आत्ता ग बया...दल्ली सायब झाली कि व अपलोड...काय सारखा वरडताय तुमी....

    ReplyDelete
  2. अभी खूप सुंदर आहे गजल ..पण प्लीज शायर चे नावही कळले तर बरे होईल ..!

    ReplyDelete
  3. bahut-bahut barhiya.

    ReplyDelete
  4. हाथ रख देती हैं दिल पर तेरी यादें अक्सर....कौन है हाल कहना जो किताबों की किया करते हैं बातें अक्सर...कौन है हाल कहना
    अभी खूप सुंदर आहे गजल ....

    ReplyDelete
  5. beautiful gazal Abhi.........thx

    ReplyDelete
  6. hmm.. Hariran ke awaz me ek alag ahasas hai...

    ReplyDelete
  7. One of most beautiful and heart touching Gazals.........!

    ReplyDelete
  8. hi how are u ?i must appriciate ur list of gazals and it seems me that u have same taste of lisning music as i have
    i like all ur collections.

    ReplyDelete
  9. kya baat hai dalvi sab!..mar he daloge.

    ReplyDelete
  10. wow................lovely.....behtreennnnn..

    ReplyDelete