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मस्ताने हज़ारों हैं


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इन आँखों की मस्ती के, आ आ आ आ
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों से वाबस्ता
इन आँखों से वाबस्ता अफ़साने हज़ारों हैं
अफ़साने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के
एक तुम ही नहीं तन्हा, आ आ
एक तुम ही नहीं तन्हा उलफत में मेरी रुसवा
उलफत में मेरी रुसवा
इस शहेर में तुम जैसे
इस शहेर में तुम जैसे दीवाने हज़ारों हैं
दीवाने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के, आ आ आ
एक सिर्फ़ हुमि मई को, एक सिर्फ़ हुमि
एक सिर्फ़ हुमि मई को आँखों से पिलाते हैं
आँखों से पिलाते हैं
कहने को तो दुनिया में
कहने को तो दुनिया में मैखाने हज़ारों हैं
मैखाने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के
इस शम्म-ए-फ़रोज़ा को, आ आ
इस शम्म-ए-फ़रोज़ा को आँधी से दर्राटे हो
आँधी से दर्राटे हो
इस शम्म-ए-फ़रोज़ा के
इस शम्म-ए-फ़रोज़ा के परवाने हज़ारों हैं
परवाने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों से वाबस्ता अफ़साने हज़ारों हैं
अफ़साने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के....
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मौसीकार : ख़य्याम
फनकार : आशा भोसले