कैसे चुपाउँ राज़-ए-ग़म | کیسے چھپاؤ راز ا گم


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कैसे चुपाउँ राज़-ए-ग़म दीदार-ए-तार को क्या करू
दिल की तपिश को क्या करू सोज़-ए-जिगर को क्या करू ?

शोरिश-ए-आशिकी कहाँ और मेरी सादगी कहाँ
हुसं कों तेरे क्यां कहूँ अपनी नज़र कों क्यां कहूँ ?

गम का न दिल में हो गुज़र वस्ल की शब् हो यूँ बज़र
सब ये कुबील हैं मगर खौफ-ए-सहर को क्यां करूँ ?

हाल मेरा था जब बतर तब ना हुई तुम्हें खबर
बाद मेरे हवा असर अब मैं असर कों क्यां कहूँ ?
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शायर : सलीम गिलानी
फनकार : महेंदी हसन

रात तारोँ से जब सवरती हैं


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फनकार : तलत महमूद

ज़िक्र उस परीवश का : ذکر اس پروش کا


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شیر : مرزا گالب
शायर : मिर्ज़ा ग़ालिब
فنکار : طلعت محمود
फंकार : तलत महमूद

तुम जुदा होकर हमें


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तुम जुड़ा होकर हमें कुच्छ और प्यारे हो गये - (२)
पास रहकर गैर थे, एब्ब तो हमारे हो गये

लौट जाने को कहाँ हमने मगर कुच्छ इश्स तरह - (२)
जिंदगी से मौत तक इकरार सारे हो गये - (२)
तुम जुड़ा होकर हमें कुच्छ और प्यारे हो गये

वेस्ल की एब्ब चाँदनी छ्चाए ना छ्चाए घूम नही - (२)
हिजर की रातों में रोशन छ्चांद तारे हो गये
तुम जुड़ा होकर हमें कुच्छ और प्यारे हो गये

प्यार के तूफान में हर मौज साहिल बन गयी - (२)
जिस तरफ देखा किनारें ही किनारें हो गये
तुम जुड़ा होकर हमें कुच्छ और प्यारे हो गये
पास रहकर गैर थे, अब तो हमारे हो गये
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"तेरे बगैर"
शायर : रविंदर क्रिशन
मौसिकार : मदन मोहन
फनकार : तलत महमूद

आँखों में तूफ़ान सा क्यों हैं ?


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सीने में जलन, आँखों में तूफ़ान सा क्यों हैं ?
इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों हैं ?

दिल हैं तो, धड़कने का बहाना कोई ढूंढें
पत्थर की तरह बेहिसा-ओ-बेजान सा क्यों हैं ?

तनहाई की ये कौनसी, मंझिल हैं रफीकों
ता-हद्द-ए-नजर एक बयाबान सा क्यों हैं ?

क्या कोई नयी बात नजर आती हैं हम में
आईना हमे देख के हैरान सा क्यों हैं ?
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गीतकार : शहरयार
गायक : सुरेश वाडकर
संगीतकार : जयदेव
चित्रपट : गमन - १९७९

WE CAN DO IT


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-MALE--
Oh, I know we can make it, I know we can make it
I've been waiting for a girl like you to come my way
I've been waiting for a girl to shine some light on my day
And I've been searching for that someone to understand me
Someone who's not afraid to laugh and cry and share that with me
--FEMALE--
I've been waiting for a boy like you to hold my hand
I've been waiting for a boy like you to give me a chance
And I've been longing for that feeling of being complete
You have shown me just how good love is when two minds meet
I know, I know, I know
--MALE--
We can make it if we try, we can make it you and I
We can
--FEMALE--
(We can make it if we try)
--MALE--
We can
--FEMALE--
(Love like ours can't be denied)
--MALE--
We can make it if we try, we believe in you and I
We can
--FEMALE--
(We can make it if we try)
--MALE--
We can
--FEMALE--
(Love like ours can't be denied)
Could you be the kind to love unconditionally
--MALE--
Could you be the kind to overlook the faults in me
--BOTH--
We don't have to last forever
Just for the rest of our lifetime
If you're feeling what I'm feeling
Then this is the right time
--MALE--
We can make it if we try, we can make it you and I
We can
--FEMALE--
(We can make it if we try)
--FEMALE--
(Love like ours can't be denied)
--MALE--
We can make it if we try, we believe in you and I
We can
--FEMALE--
(We can make it if we try)
--MALE--
We can
--FEMALE--
(Love like ours can't be denied)
--MALE--
Well I guess that it was worth the waiting
Cause now you see what you mean to me
--FEMALE--
Well this time there'll be no hesitating
If I was blind, I'd still see you as mine
--BOTH--
Oh ho, oh baby, yeah
Cause I know, I know that we can make it, yeah
--MALE--
We can make it if we try, we believe in you and I
We can
--FEMALE--
(We can make it if we try)
--MALE--
We can
We can make it if we try, we believe in you and I
We can
--FEMALE--
(We can make it if we try)
--MALE--
We can
--FEMALE--
(Love like ours can't be denied)
--MALE--
We can make it if we try, we believe in you and I
We can
--FEMALE--
(We can make it if we try)
--MALE--
We can
--FEMALE--
(Love like ours can't be denied)

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Asha Bhosle & Code Red
on
W O R L D   P E A C E

सांज ये गोकुळी

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सांज ये गोकुळी, सावळी सावळी
सावळयाची जणू साऊली

धूळ उडिवत गाई निघाल्या
शाम रंगात वाटा बुडाल्या
परतती त्या सवे, पाखरांचे थवे
पैल घंटा घूमे राऊळी

पर्वतांची दिसे दूर रांग
काजळाची जणू दाट रेघ
होई डोहातले चांदणे सावळे
भोवती सावळया चाहूली

माऊली सांज, अंधार पान्हा
विश्व सारे जणू होय कान्हा
मंद वार्‍यावरी वाहते बासरी
अमृताच्या जणू ओंजळी
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गीतकार - सुधीर मोघे
गायक - आशा भोसले
संगीतकार- श्रीधर फडके
चित्रपट - वजीर

तोच चंद्रमा नभात


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तोच चंद्रमा नभात, तीच चैत्र यामिनी
एकांती मज समीप, तीच तूही कामिनी

नीरवता ती तशीच, धूंद तेच चांदणे
छायांनी रेखियले, चित्र तेच देखणे
जाईचा कुंज तोच, तीच गंधमोहीनी
एकांती मज समीप, तीच तूही कामिनी

सारे जरी ते तसेच, धुंदी आज ती कुठे
मी ही तोच, तीच तूही, प्रीती आज ती कुठे
ती न असता उरात, स्वन ते न लोचनी
एकांती मज समीप, तीच तूही कामिनी

त्या पहिल्या प्रीतीच्या, आज लोपल्या खुणा
वाळल्या फुलात व्यर्थ, गंध शोधतो पुन्हा
गीत ये न ते जुळून, भंगल्या सुरातुनी
एकांती मज समीप, तीच तूही कामिनी
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गीत : शांता शेळके
स्वर/संगीत : सुधीर फडके

GOOD :: from MORNING 2 NIGHT


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पहाटे पहाटे मला जाग आली


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पहाटे पहाटे मला जाग आली
तुझी रेशमाची मिठी सैल झाली

मला आठवेना, तुला आठवेना
कशी रात गेली कुणाला कळेना
तरीही नभाला पुरेशी न लाली

गडे हे बहाणे, निमित्ते कशाला
असा राहू दे हात, माझा उशाला
मऊ मोकळे केस, हे सोड गाली

तुला आण त्या वेचल्या तारकांची
तुला आण त्या जागणार्‍या फुलांची
लपेटून घे तू मला भोवताली
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गीत : सुरेश भट
स्वर/संगीत : सी. रामचंद्र

जे जे सुंदर ते माझे घर

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जे जे सुंदर ते माझे घर
मी तर आहे मस्त कलंदर
मासात कलंदर !!!

अडलेल्यांना देलो हात
एकाकाची करितो साथ
सुखदु:खी मी शांत राहतो
पुढेच जातो, गाणी गातो,
श्रमुन कमवितो माझी भाकर
मी तर आहे मस्त कलंदर
मासात कलंदर !!!

जीवन म्हणजे केवळ वाट
केव्हा उतरण केव्हा घाट
ध्येय ध्येयसे वाटे लोका
चुकून लाभते कोणा एका,
म्हणून चालतो असा निरंतर
मी तर आहे मस्त कलंदर
मासात कलंदर !!!

सह पाथिकांनो डरता काय
उगीच डोळे भरता काय
चाले त्याचे भाग्य चालते
थांबे त्याचे दैव थांबते,
उचला पाऊल उचला सत्वर
मी तर आहे मस्त कलंदर
मासात कलंदर !!!

पाचोळे आम्ही हो पाचोळे


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पाचोळे आम्ही हो पाचोळे
काय कुणाशी देऊ, कुणाचे घेऊ ?
वणवण भटके वनांतले
पाचोळे आम्ही हो पाचोळे

कधी भरारी अथांग गगनी
न कळे केव्हा येतो अवनी
मोहपाश ना आम्हा कुणाचा
स्वैर आम्ही आपुले

तरलो त्या प्रक्षुब्ध सागरी
आणि उतरलो दरी-कपारी
वसुंधरेचे स्वरूप आम्ही
तेही दुरून देखिले

इतुके अमुचे असुनी काही
वैर कुणाशी कसले नाही
कसेही असो आम्ही मानतो
जीवन अपुले भले

कुठे आमुची असते वसती
आस्थेने ना कोणी पुसती
अंध खलाशापारी आमुचे
जीवन नौकेतले
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गीत : अण्णा जोशी
स्वर / संगीत : सी. रामचंद्र

मराठी पाउल पडते पुढे !


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चित्रपट : मराठा तितुका मेळवावा
गीतकार : शांता शेळके
संगीतकार : आनंदघन
स्वर : लता मंगेशकर, उषा मंगेशकर, पं.हृदयनाथ मंगेशकर, हेमंत कुमार

Pretty Little Baby

TITLE-LESS

hold on to your DREAM



पहला नशा


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चाहे तुम ना कहो,
मैने सुन लिया...
के साथी प्यार ....
मुझे चुन लिया....चुन लिया... मैने सुन लिया

पहला नशा...पहला हुंमार
नया प्यार है...नया इंतेज़ार
करलू में क्या अपना हाल...
मेरे दिले बेकरार ...तू ही बता....(पहला नशा...)

उड़ता ही फिरूम इन हवाओं में कही
या में झूल जाउ इन घत्ताओं में कही....
एक कर डू आसमान और ज़मीन...
कहो यारों क्या करू क्या नही.....(पहला नशा..)

उसने बॅयात की कुछ ऐसे डांग से
सपने दे गया हज़ारों रंग के
रह जाो जैसे में हार के..
और चूमे वो मुझे प्यार से....(पहला नशा...)

राजा को रानी से प्यार हो गया


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--राजा --
राजा को रानी से प्यार हो गया
पहली नज़र में पहला प्यार हो गया
दिल जिगर दोनो घायल हुए
तीरे नज़र दिल के पार हो गया

--रानी--
राजा को रानी से प्यार . .
नज़र में पहला प्यार हो गया
दिल जिगर दोनो घायल हुए
तीरे नज़र दिल के पार हो गया

--राजा--
राजा को रानी से प्यार हो गया

--रानी--
राजा को रानी से प्यार हो गया

--राजा--
ओ, राहों से राहें, बाहों से बाहें
मिलके भी मिलती नहीं

--रानी--
हो, होता है अक्सर अरमान की कलियाँ
खिलके भी खिलती नहीं

--राजा--
ओ, फिर भी ना जाने क्यूँ नहीं .
फिर भी ना जाने क्यूँ नहीं माने
दीवाना दिल बेक़रार हो गया
राजा को रानी से प्यार हो गया

--रानी--
राजा को रानी . प्यार हो गया

--राजा--
रानी को देखो, नज़रें मिली तो
आँखें . लगी

--रानी--
हो, करती भी क्या वो सर को झुकाके
कंगना घुमाने लगी

--राजा--
ओ, राजा . ऐसा जादू चलाया

--रानी--
राजा ने ऐसा जादू .
ना करते करते इकरार हो गया

--राजा--
राजा को रानी से प्यार . .
पहली नज़र में पहला प्यार हो गया

--रानी--
दिल जिगर दोनो . हुए
तीरे नज़र दिल के पार हो गया

हम सभ कें नैनों में

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हम कितने एकाकी


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सांझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
सांझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
छ्होड चले नैनो को
किरणों के पाख़ी
पाठ की जाली से झाँक रही तीन कलियाँ - २

गंध भारी गुनगुण में मगन हुई तीन कलियाँ
इतने में तिमिर डासा सपने ले नयनो में
कलियों के आँसुओं का कोई नहीं साथी
छ्चोड़ चले नयनो को
किरणों के पाख़ी
सांझ ढले गगन तले
जुगनूउ का पाट ओढे आएगी रात अभी - २

निशिगंधा के सुर में कह देगी बात सभी
कपटा है मान जैसे डाली अंबावा की
छ्होड चले नयनो को
किरणों के पाख़ी
सांझ ढले गगन तले
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चित्रपाट : उत्सव
शायर : वसंत देव
संगीतकार : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
स्वर : सुरेश वाडकर




मी असा कसा ?


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गीत: सुधीर मोगे
संगीत: आनंद मोडक
स्वर: आशा भोसले, रविंद्र साठे, अंजली मराठे
चित्रपट: चौकट राजा



हे जीवन सुंदर आहे


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हे जीवन सुंदर आहे !

नितळ निळाई आकाशाची अन् क्षितिजाची लाली
दवांत भिजल्या वाटेवरती किरणांची रांगोळी
कोठेही जा अवतीभवती निसर्ग एकच आहे
हे जीवन सुंदर आहे !

पानांमाधली सळसळ हिरवी अन किलबील पक्षांची
झूळझुळ पाणी वेळूमधुनी खुळी शीळ वार्‍याची
इथेतिथे संगीत अनामिक एकच घुमते आहे
हे जीवन सुंदर आहे !
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गीत: सुधीर मोगे
संगीत: आनंद मोडक
स्वर: आशा भोसले, रविंद्र साठे, अंजली मराठे
चित्रपट: चौकट राजा






ज़िंदगी धूप तुम घना साया


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तुम को देखा तो ये ख़याल आया
ज़िंदगी धूप तुम घना साया

आज फिर दिल ने इक तमन्ना की
आज फिर दिल को हम ने समझाया

तुम चले जाओगे तो सोचेंगे
हम ने क्या खोया हम ने क्या पाया

हम जिसे गुनगुना नहीं सकते
वक़्त ने ऐसा गीत क्यूँ गाया

तू न् मी राजा राणी


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प्रीतीच्या चंदराती घेउनी हात हाती
जोडू अमोल नाती, ये ना, ये प्रिये !

फुलला हा कुंज सारा, हसली पाने फुले
रुसवा आता कशाला, अधरी प्रीती फुले
हासते... चांदणे !

सरला आता दुरावा, मिटती का लोचने
सखये या मिलनाला, नुरले काही उणे
हात दे, साथ दे !
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गीत : शांताराम नांदगावकर
संगीत : अनिल - अरुण
स्वर : हेमंत कुमार



एका लग्नाची दुसरी विडियो !!!


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Abhi❤Subhi


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Ek Chotisi Love Story


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Directed by : Shashilal K. Nair
Starring :Manisha Koirala, Aditya Seal, Ranvir Shorey

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It is a story of 15-year-old Aditya (Aditya Seal) and his voyeuristic love of his nameless neighbor (Manisha Koirala) featuring bathroom masturbation scenes which are virtually unseen in Bollywood. Soon Aditya s hobby turns into infatuation as he begins to follow her movements closely. He feels sexually drawn towards her when he sees her coming out of her bath, her hair dripping wet. He feels jealous when he catches her making love with her boyfriend (Ranvir Shorey). Manisha is unaware of her secret admirer. When the boy musters up the courage and speaks his heart to her, she takes it in her stride and gives him a little teaser on adolescent love.

तुम्हारा प्यार चाहिएँ


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प्यार चाहिएँ, मूज़े जीने के लिए
तुम्हारा प्यार चाहिएँ, मूज़े जीने के लिए
मूज़ को हर घड़ी दीदार चाहीए

रूप रंग पर मरता आया, सदियों से ये जमाना
मई मान की सुंदरता देखू, प्यार का मैं दीवाना
तुम्हारा प्यार.. .. ..

मेरे सिवा तुम अओर किसी को दिल में ना आने डोगी
फूलों की तो बात ही क्या है, कातों पे साथ चलॉगी
तुम्हारा प्यार.. .. ..
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चित्रपाट : मनोकामना
संगीतकार : बप्पी लहरी
स्वर : बप्पी लहरी

राग नंद - कलापिनी कोमकली


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थाट - कल्याण
जाती - पाडाव संपूर्ण
वादी स्वर - सा
संवादी - प
समय - आधी रात
आरोह - सा ग म प ध नी प ध म प सा
अवरोह - सां नी ध प म प ग म रे सा



दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है ?

 

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दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है
आख़िर इस दर्द की दावा क्या है

हम है मुश्ताक़ और वो बेज़ार
या इलाही, ये माजरा क्या है

मैं भी मूह मे ज़ुबान रखता हूँ
काश पुच्च्ो की मुद्दा क्या है

जबकि तुझ बिन नही कोई मौजूद
फिर ये हगामा आई खुदा क्या है

ये पारी-चेहरा लोग कैसे है
गामज़ा-ओ-उष{}वा-ओ-. क्या है

शिकाने-ज़ुलाफे-आमबारी क्या है
निगाहे-चश्मे-सूरमा सा क्या है

सब्ज़-ओ-गुल कहाँ से आए है
अब्र क्या चीज़ है, हवा क्या है

हमको उनसे वफ़ा की है उम्मीद
जो नही जानते वफ़ा क्या है

हन भला कर, तेरा भला होगा
और दरवेश की सदा क्या है

जान तुम पर निसार करता हूँ
मैं नही जानता दुआ क्या है

मैने माना की कुच्छ नही ग़ालिब
मुफ़्त हाथ आए, तो बुरा क्या है
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मौसिकार : जगजीत सिंह
फनकार : जगजीत सिंह और चित्रा सिंह

रिमझिम गिरे सावन


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रिमझिम गिरे सावन
सुलग सुलग जाए मॅन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी यह अगन

रिमझिम गिरे सावन
सुलग सुलग जाए मॅन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी यह अगन
रिमझिम गिरे सावन

जब घुंघरूण सी बजती हैं बूँदें
अरमान हमारे पलकें ना मूंदें
जब घुंघरूण सी बजती हैं बूँदें
अरमान हमारे पलकें ना मूंदें
कैसे देखें सपने नयन
सुलग सुलग जाए मॅन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी यह अगन
रिमझिम गिरे सावन

महफ़िल में कैसे केहदें किसीसे
दिल बाँध रहा है किस अजनबी से
महफ़िल में कैसे केहदें किसीसे
दिल बाँध रहा है किस अजनबी से
हाए करें अब क्या जतन
सुलग सुलग जाए मॅन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी यह अगन
रिमझिम गिरे सावन
सुलग सुलग जाए मॅन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी यह अगन
रिमझिम गिरे सावन
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चित्रपट : मंज़िल
स्वर : किशोर कुमार

मस्ताने हज़ारों हैं


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इन आँखों की मस्ती के, आ आ आ आ
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों से वाबस्ता
इन आँखों से वाबस्ता अफ़साने हज़ारों हैं
अफ़साने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के
एक तुम ही नहीं तन्हा, आ आ
एक तुम ही नहीं तन्हा उलफत में मेरी रुसवा
उलफत में मेरी रुसवा
इस शहेर में तुम जैसे
इस शहेर में तुम जैसे दीवाने हज़ारों हैं
दीवाने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के, आ आ आ
एक सिर्फ़ हुमि मई को, एक सिर्फ़ हुमि
एक सिर्फ़ हुमि मई को आँखों से पिलाते हैं
आँखों से पिलाते हैं
कहने को तो दुनिया में
कहने को तो दुनिया में मैखाने हज़ारों हैं
मैखाने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के
इस शम्म-ए-फ़रोज़ा को, आ आ
इस शम्म-ए-फ़रोज़ा को आँधी से दर्राटे हो
आँधी से दर्राटे हो
इस शम्म-ए-फ़रोज़ा के
इस शम्म-ए-फ़रोज़ा के परवाने हज़ारों हैं
परवाने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों से वाबस्ता अफ़साने हज़ारों हैं
अफ़साने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के....
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मौसीकार : ख़य्याम
फनकार : आशा भोसले

हमारी ही मुठि में आकाश सारा


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हमारी ही मुठि में आकाश सारा
जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
कभी ना ढले जो, वो ही सितारा
दिशा जिस से पहचाने संसार सारा

हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी
किस ने लिखी हैं नहीं जानना हैं
सुलज़ाने उन को न आएगा कोई
समज़ना हैं उनको ये अपना करम हैं
अपने करम से दिखाना हैं सब को
खुद का पनपना, उभरना हैं खुद को
अंधेरा मिटाए जो नन्हा शरारा
दिशा जिस से ...

हुमारे पीच्चे कोई आए ना आए
हूमेई ही तो पहले पहुचना वाहा हैं
जिन पर हैं चलना नई पीढ़ीयों को
उन ही रास्तों को बनाना हूमेई हैं
जो भी साथ आए उन्हे साथ ले ले
अगर ना कोई साथ दे तो अकेले
सुलगा के खुद को मिटा ले अंधेरा
दिशा जिस से ...

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भा
भ्रष्टाचार
के खिलाफ

इतने बाज़ू इतने सुर गिन ले दुश्मन ध्यान से


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India Against Corruption

जन गन मन


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जन गण मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्यविधाता
पंजाब सिन्धु गुजरात मराठा
द्राविड़ उत्कल बंगा
विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंगा
तव शुभ नामे जागे
तव शुभ आशीष मांगे
गाहे तव जयगाथा

जन गण मंगलदायक जय हे
भारत भाग्यविधाता
जय हे, जय हे, जय हे
जय जय जय जय हे!

आप की याद आती रही रातभर

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आप की याद, आती रही रातभर
चश्मा-ये-नाम मुस्कुराती रही रातभर

रातभर दर्द की शम्मा जलती रही
गम की लाउ तारथराती रही रातभर

बासूरी की सुरीली सुहानी सदा
याद बन बन के आती रही रातभर

याद के चाँद दिल में उतरते रहे
चाँदनी ज़गमगाती रही रातभर

कोई दीवाना गलियों में फिरता रहा
कोई आवाज़ आती रही रातभर
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चित्रपट : गमन
निर्देशक : मुज़फर अली
मौसीकार : जयदेव
फनकार : छाया गांगुली

Tendulkar And Violence : Then and Now


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(Documentary)
Conceptualized & Directed by : Atul Pethe
Produced by: California Arts Association

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This documentary explores the theme of violence in Vijay Tendulkar's plays. Vijay Tendulkar is regarded as one of the greatest playwrights of modern India . Tendulkar heralded a revolution in Indian theater, both in the content and the style, by his bold themes and natural expression. He was the first Indian playwright to consistently explore the theme of violence in a direct way. This documentary examines the origin, expression and character of violence in Tendulkar's plays. Violence in his plays is explored in the context of the period of writing as well as similar attempts worldwide.
 
Makarand Sathe interviews Vijay Tendulkar, Prof. Ram Bapat, Prof. G. P. Deshpande, Shri. Nilu Phulay, Dr. Shreeram Lagoo, Dr. Jabbar Patel, Dr. Vijaya Mehta and Pt. Satyadev Dubey. The documentary includes rare archived excerpts from Tendulkar's plays Kanyadan, Sakharam Binder, Ghashiram Kotwal, Kamala and Shantata Court Chalu Aahe.


सही हुंगमी नवरा पाहिजे


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निर्देशक : विनय लाड
लेखक : शरद निफाड़कर
भारत जाधव, प्रसाद ओक, अर्चना नेवृेकर, अरुण कदम, विजय चवाण

२२ जून १८९७


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संगीतकार : आनंद मोडक

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During 1896-97, there was an outbreak of plague in Pune. Marital law was imposed. There was intense popular resentment against Mr.Rand, the British Plague Commissioner due to his harsh measures for forcibly evacuating the people.
An agitated Damodar Chapekhar and his two brothers, militant followers of Tilak, decided to take revenge. They killed Mr.Rand at night while he was returning from the Govt. House after participating in the 60th anniversary celebrations of Queen Victoria's Coronation, held on June 22, 1897.
 
A massive manhunt was launched with former colleagues as informers. Damodar was hanged, despite Tilak's personal appeal to the British. When the youngest brother, Vasudev, killed the informer, he and the remaining brother Balkrishna, were also hanged. The Chapekar brothers were among the first martyrs of India's Freedom Struggle.
 
The Chapekar brothers were among the first martyrs of India's Freedom Struggle.
A historic film and winner of two National and two State awards, 22nd June 1897 has an illustrious crew behind its making. With dialogues by Vijay Tendulkar and screenplay co-written by Shankar Nag, the film was the directorial debut of the husband-wife duo of Nachiket and Jayoo Patwardhan.

धुंद होते शब्द सारे !


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धुंद होते शब्द सारे, धुंद होत्या भावना
वार्यासंगे वाहता त्या फुलापाशी थांब ना
सई ये रमुनी सार्‍या जगात रिक्त भाव असे
कैसे गुंफू गीत हे ?
धुंद होते शब्द सारे !

मेघ दाटून गंध लहरुनि बरसला मल्हार हा
चांदराती भाव गुंतुनी बहरला निशिगंध हा
का कळेना काय झाले, भास की आभास सारे
जीवनाचा गंध हा, विश्रांत हा, शांत हा !
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गीत : कौस्तुभ सावरकर
संगीत : अमार्त्य राहुल
स्वर : रवींद्र बिजूर
चित्रपट : उत्तरायण

तेजोमय नादब्रम्ह हे


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तेजोमय नादब्रम्ह हे

रुणझुणले काळजात, लखलखले लोचनात
अंबरात अंतरात, एकरूप हे

सृष्टीचा देव्हारा, दरवळला गाभारा
सर्व दिशा कांचनमय, पवन मंद मंगलमय
आरतीत तेजाच्या विश्व दंग हे

कुसुमाच्या हृदयातून, स्नेहमय अमृतघन
चोहिकडे करुणा तव, बरसून ये स्वरलाघव
परमेशा साद घालि तुझे रूप हे
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गीतकार : प्रविण दावणे
संगीतकार : श्रीधर फडके
स्वर : आरती अंकलिकर-टिकेकर व सुरेश वाडकर

दिसलीस तू फुलले ऋतू


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दिसलीस तू, फुलले ऋतू
उजळीत आशा, हसळीस तू

उरले न आसु, विरल्या व्यथाही
सुख होऊनिया, आलीस तू

जाळीत होते मज चांदणे जे
ते अमृताचे, केलेस तू

मौनातुनी ए गाणे दिवाणे
त्याचा अनामी, स्वरभास तू

जन्मात लाभे क्षण एकदा हा
ते भाग्य माझे, झालीस तू
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गीतकार : सुधीर मोघे
संगीतकार : राम फाटक
स्वर : सुधीर फडके

शुक्रतारा


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शुक्रतारा, मंदवारा, चांदणे पाण्यातुनी
चंद्र आहे, स्वप्न वाहे, धुंद या गाण्यातुनी
आज तू डोळ्यांत माझ्या, मिसळूनी डोळे पहा
तू अशी जवळी रहा

मी कशी शब्दात सांगू, भावना माझ्या तुला
तू तुझ्या समजून घे रे लाजणार्‍या या फुला
अंतरीचा गंध माझ्या, आज तू पवना वहा

लाजर्‍या माझ्या फुला रे, गंध हा बिलगे जीवा
अंतरीच्या स्पंदनाने अन् थरारे ही हवा
भारलेल्या या स्वरांनी, भारलेला जन्म हा

शोधिले स्वप्नात मी ते, ये करी जागेपणी
दाटूनि आलास तू रे, आज माझ्या लोचनी
वाकला फांदीपरी आता फुलांनी जीव हा
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गीतकार: मंगेश पाडगांवकर
स्वर: सुधा मल्होत्रा - अरुण दाते
संगीत: श्रीनिवास खळे

माझे दिवन गाणे


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माझे दिवन गाणे, माझे दिवन गाणे !

व्यथा असो आनंद असू दे
प्रकाश किवा तिमीर असू दे
वाट दिसो अथवा न दिसू दे, गात पुढे मज जाणे !

कधी ऐकतो गीत झर्यातुन
वशवनाच्या कधी मनातुन
कधि वार्‍यातून, कधि तार्यातुन झुळझुळतात तराणे !

तो लीलाघन सत्य चिरंतन
फुलापरी उमले गीतातुन
स्वरास्वरातुन आनंदाचे नित्य नवे नजराणे !

गा विहगांनो माझ्यासंगे
सुरावरी हा जीव तरंगे
तुमच्यापरी माझ्याही स्वरातुन उसळे प्रेम दिवाणे !
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गीत : मंगेश पाडगावकर
संगीत : पु. ल. देशपांडे
स्वर : पंडित जितेंद्र अभिषेकी

शब्दावाचुन कळले सारे शब्दांच्या पलिकडले

 
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शब्दावाचुन कळले सारे शब्दांच्या पलिकडले
प्रथम तुला पाहियाले आणिक घडू नये ते घडले

अर्थ नवा गीतास मिळाला
छंद नवा अन् ताल निराळा
त्या दिवशी का प्रथमच माझे सूर सांग अवघडले ?

होय म्हणालिस नकोनकोतुन
तूच व्यक्त झालीस स्वरातुन
नसता कारण व्याकुळ होऊन उगिच हृदय धडधडले

आठवले पुनावेच्या रात्री
लक्ष दीप विरघळले गात्री
मिठीत तुझीया या विश्वाचे रहस्य मज उलगडले
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गीत : मंगेश पाडगावकर
संगीत : पु. ल. देशपांडे
स्वर : पंडित जितेंद्र अभिषेकी


तपत्या झळा उन्हाच्या झेलीत चाललो मी

 

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तपत्या झळा उन्हाच्या झेलीत चाललो
मी बीज सावल्यांचे पेरीत चाललो

वैराण माळ उघडा बेचैन तळमळे
मी दान आसवांचे फेकीत चाललो

आव्हेरूनी फुलांचे अनिवार आर्जवे
काटेकुटे विखारी वेचित चाललो

दाही दिशांत वेडा वैशाख मातला
मी बाण चंदनाचे पेरीत चाललो

ए कोरड्या गळ्यात हा सूर कोठला
मी तार वेदनेची छेडित चाललो
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गीत : सुधीर मोघे
संगीत : राम फाटके
स्वर : पंडित जितेंद्र अभिषेकी

गोजिरी


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चित्रपाट : गोजिरी (२००७)
निर्देशक : मानसी मेनहेनद्रे

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Tatya - Arun Nalawade lives a middle-class lifestyle in a small village of the Konkon Maharashtra, along with his daughters, Gojiri - Madhura Velankar and mentally challenged Suha. On Suha's birthday, while picking mangoes, Gojiri falls down the tree, hurts her head, and is hospitalized. Because of the accident Gojiri damages her temporal lobe and as a result the contact between her short and long term memory has been lost, so she can only remember what occurred the day before, and will virtually re-live her life as 'groundhog' days. One fine day Shikarerao - Sunil Barve comes to this village and falls in love with Gojiri and would like to marry her. He finds Gojiri receptive and even proposes to her through Nanu - Abhijeet Chavan, his real estate agent, who is attempting to sell Shikare rao's 'haunted' property. Nanu tells him the truth about Gojiri, but he is smitten and is unable to let go. Watch what happens when Shikarerao persists in wooing Gojiri, is beaten by angry youth, and then reprimanded by the village elders/Panchayat for insulting and molesting Gojiri, and the impact this will have on him, Tatya and Gojiri herself?